गला खराब होने पर नमक के गरारे करने को क्यों कहा जाता है

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गला का खराब होना आमतौर पर यहां एक साधारण सी बात है परंतु गला खराब क्यों होता है, गरारे करने को क्यों कहा जाता है इसके पीछे के तथ्य को आज हम बारीकी से समझेंगे तो चलिए शुरू करते हैं ,आमतौर पर गला खराब होने का मतलब है कफ जमा होना कफ एक लश-लशलसा पदार्थ है एक ऐसा घोल जिसमें पदार्थ के बड़े-बड़े कण विधुत अवेश के कारण घुले रहते हैं वहां इमल्शन कहलाता है कफ भी इमल्शन है यदि इन कणों काआवेश खत्म कर दिया जाए तो यह घुलनशील हो जाते हैं नमक या अन्य लवणों में यहाँ गुण होता है कि वह इस आवेश को खत्म कर देते हैं इस प्रकार से गले में मौजूद इमल्शन को साफ करने में नमक मददगार होता है, इसे ही ख़त्म करने के लिए डॉक्टर द्वारा हमे बार-बार नमक के गरारे (namak-ke-garare) करने की सलाह दी जाती है

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