मटके में पानी कैसे ठंडा रहता हैं | Matke ka pani thanda kyu rahta hai

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Matke ka pani thanda kyu rahta hai : अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मिट्टी के घड़े में रखा पानी अपने आप कैसे ठंडा हो जाता हैं तो आज हम आपको वह भी बताएँगे (Matke ka pani thanda kyu rahta hai)। दरअसल मिट्टी में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं। यदि आप पानी से भरे मिट्टी के घड़े को बाहर से हाथ लगायेंगे तो वह आपको ठंडा व गीला महसूस होगा ऐसा क्यों (Matke ka pani thanda kaise kare)?

ऐसा इसलिये होता हैं क्योंकि मिट्टी के अंदर अति-सूक्ष्म छिद्र होते हैं जो हमें नंगी आँखों से दिखाई नही देंगे। इन छिद्रों से घड़े का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है। यह प्रक्रिया बहुत धीमे-धीमे होती हैं जिससे हमें इसका पता नही चलता लेकिन इसके कारण घड़े के अंदर का तापमान कम हो जाता हैं व बाहर का बढ़ जाता हैं जो घड़े के अंदर रखें पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा बना देता हैं (Matke ka pani thanda kaise hota hai)।

फ्रिज में रखे पानी की तुलना में घड़े का पानी ना केवल ठंडा होता हैं बल्कि शीतल भी होता हैं जो इस भीषण गर्मी में हमारे शरीर को सही रूप में शीतलता प्रदान करता हैं। इसलिये आगे से आप घड़े का पानी पीने की ही आदत डालें चाहे कितनी भी गर्मी क्यों ना पड़

रही हो। हम जानते हैं कि आपको फ्रिज का ज्यादा ठंडा पानी पीने की आदत पड़ गयी होगी लेकिन यदि आप घड़े का पानी पीना शुरू कर देंगे व एक सप्ताह तक भी इसको पियेंगे तो आपको इसकी आदत पड़ जाएगी व फिर आपको यही पानी ठंडा व अच्छा लगने लगेगा।

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